वाया पाण्डेयपुर चौराहा
रविवार, 29 नवंबर 2015
आवारा शेर : डॉ.मुकेश पाण्डेय
जिसे भी मौका मिलता हैं पिता ज़रूर हैं
जाने क्या मिठास है गरीब के खून में
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