गरम भईल साइलेंसर अब त फ़ेंकतावे लुत्ती
बोल ये बलमुआ कबले बेलना लेके सुतीं
डहके छत्तीस अभरनवा,ना अईल घरे सजनवा
लागे ना कतहीं पर मनवा बलम जी ,तन से पराईल परनवा
अगिया जवन तू बाड़ लगवले दोसरा से ना बुति
बोल ये बलमुआ कबले बेलना लेके सुतीं
ना चाहीं हार हँसुलिया हिरा मोती ना सोना चानी
माने ना आपन जवनिया ए राजा केकरा से कहीं परेशानी
जुलुम बा कईले जोबनवा घरे आजा लेके छुट्टी
बोल ये बलमुआ कबले बेलना लेके सुतीं
सुन ए हो सजनवा पागल भईल बाटे मनवा
कोरा उठाके हमके देवरवा,पाण्डेय मुकेश"लिहि जनवा
खिड़की में से कईके इशारा बोलावे पिछूति
बोल ये बलमुआ कबले बेलना लेके सुतीं