ननदी नतिनिया के होइ जहिया शादी
काली माई के पियरी चढ़ाइब परसादी
बोलतिया एक एक भाषा गढ़ी गढ़ी के
शासन चलावतिया अम्मो जी से बढ़ी के
हमरा जरी लागल बिया जइसे जर मियादी
रहतिया हरदम कहले टहल पर
कर्फ्यू लगवले बिया हंसलो बोलल पर
मुठ्ठी में दबवले बिया हमरो आज़ादी
सुखवा ससुरवा के कईले बिया सपना
हमके नचावतिया अंगूरी प अपना
लागता जवनिया संवुसे माटी में मिलादी