दरदिया होता ये देवरु , दरदिया होता ये देवरु
पिए द दूध आ हरदिया बड़ा दरदिया होता ये देवरु
तोहार भैया बाड़े कसईया खूब हिलवले पलंग हो
चुमी के ओठवा मार्ले चोटवा दरद होता एके अलंग हो
दरदिया होता ये देवरु , दरदिया होता ये देवरु
पिए द दूध आ हरदिया बड़ा दरदिया होता ये देवरु
पिए द दूध आ हरदिया बड़ा दरदिया होता ये देवरु
तोहार भैया बाड़े कसईया खूब हिलवले पलंग हो
चुमी के ओठवा मार्ले चोटवा दरद होता एके अलंग हो
दरदिया होता ये देवरु , दरदिया होता ये देवरु
पिए द दूध आ हरदिया बड़ा दरदिया होता ये देवरु
टूटे बदनिया पूरा जवनिया भईल बानी लाचार हो
कईनी ह जतन तेल नवरतन मलाल बानी कपार हो
दरदिया होता ये देवरु , दरदिया होता ये देवरु
पिए द दूध आ हरदिया बड़ा दरदिया होता ये देवरु
पिए द दूध आ हरदिया बड़ा दरदिया होता ये देवरु
पाण्डेय मुकेश कईले कलेश मेहर के मरम ना जानेले
जागेला ताव त करेले छाव देहि प हमरा फानेले
दरदिया होता ये देवरु , दरदिया होता ये देवरु
पिए द दूध आ हरदिया बड़ा दरदिया होता ये देवरु
पिए द दूध आ हरदिया बड़ा दरदिया होता ये देवरु