वाया पाण्डेयपुर चौराहा
सोमवार, 14 सितंबर 2015
पढ़े वालन ख़ातिर लभ के पढ़ाई हउ [ भोजपुरी मुक्तक ] डॉ. मुकेश पाण्डेय
पढ़े वालन ख़ातिर लभ के पढ़ाई हउ
पोखरा में बिछलाए वाला काई हउ
लईकन के चूसनी जवनकन के मिसनी
तू त बुढ़वन के आँख के दवाई हउ
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