कान्हा कान्हा रटेली बेचारी राधा प्यारी
कईसन वियोग रोग दिहल ये मुरारी
फूल अईसन राधा रानी गईली मुरझाई हो
हाड़ हाड़ लउके देहिया गईल बा सुखाई हो
वैदा हारान बा धराला ना बेमारी
राम करस राधा वाला रोग तहरा लागो हो
तू हु कहीं पागल होके कह राधे राधे हो
तबे तहरा पता चली प्रेम के बेमारी
काहे कन्हइया लेवे अईल ना तू सुधी
अहिरा के जात कईसे छूटी अहीर बुद्धि
कहेले मुकेश बन गईनी हम बेचारी
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