पी ले ले बानी मुंह महकता
राउर मिजाज बड़ी बहकता
तनियो सा दुखाई त हम करे लागब हाला जीजा
ओतने लगाईं जेतना दिदिया में जाला जीजा
अबहीं बानी कमशीन उमर कम बावे जी
रउरा खेला से लागत शरम बावे जी
झकझूमर कईला से चुनकल हमार बाला जीजा
ओतने लगाईं जेतना दिदिया में जाला जीजा
आज का जाने काहे हमरा डर लागता
राउर नियत आज हमरा गड़बड़ लागता
मन करे मार दिहीं लहंगा में ताला जीजा
ओतने लगाईं जेतना दिदिया में जाला जीजा
जीजा पाण्डेय मुकेश खेला जनि नाधी जी
हमके कोरा में अइसे रउरा जनि बांधी जी
डांटे लागी दीदी देखी जांघ तर के छाला जीजा
ओतने लगाईं जेतना दिदिया में जाला जीजा
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