मंगलवार, 24 नवंबर 2015

सोना जईसन मोर जवनिया सिलवट पर के पीसी - डॉ मुकेश पाण्डेय

सोना जईसन मोर जवनिया सिलवट पर के पीसी 
जनि सीसी पिय , फँसरी लगा लेहम खिसी 

दारू के तू जीजा बनवला ,चीखना के सार 
शीशा के गिलसवा भईल मेहरी तोहार 
बरसेल ना झर -झर कहियो रह जाल बनके झिसी 
जनि सीसी पिय , फँसरी लगा लेहम खिसी 

रात में रोजो हम हहरी चढ़े जब नाशा 
खेले में पासा संघे करेल तमाशा 
लेवेल ना कोरा कबले टिकोरा अपने हाथे मिसी 
जनि सीसी पिय , फँसरी लगा लेहम खिसी 


पाण्डेय मुकेश " तनी रहिया आपन तू सुधार ल 
देंह मोटाई गाल गोटाई संगहीं किरिया पार ल 
ना त  कवनो मर्द के संघे पिसे लागेम तीसी 
जनि सीसी पिय , फँसरी लगा लेहम खिसी 

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