गुरुवार, 24 दिसंबर 2015

बा ख़ुदा बा ख़ुदा - डाॅ मुकेश पान्डेय

सारी दुनिया में कहीं आप सा कोई नहीं
ऐ मेरी जाने गज़ल ऐ मेरी जाने वफा
बा खुदा बा खुदा

आसमानों में है चर्चे आपके ऐ जाने जा
आपकी खुश्बू से महका है जहाने गुलशिता
आपका चेहरा कन्वल है कहती है वादे सबा
बा ख़ुदा बा ख़ुदा

आए हो जबसे नज़र में हम तो दीवाने हुए
दुनिया की हर शै से हम तो बेगाने हुए
आपके जैसा सनम है ना ही कोई दूसरा

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