सोमवार, 31 अगस्त 2015

हमार पिआस तू तहरा दुनिया के तराश बा [भोजपुरी मुक्तक ] डॉ.मुकेश पाण्डेय

हमार पिआस तू तहरा दुनिया के तराश बा 
ई हमार आग ह आ उहे तहार लूर 
हम जेह लेखा से बानी तहरा लगे 
तू अपना आप से बाड़ ओतने दूर 

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