रात भर खुसुर फुसुर करत भईल विहान
फूल दाढ़ी पर अधखिलल बा
शाइत तबे पत्तई हिलल बा
अब लगताटे जम्हाई
सईयां दिहलें रात जगाई
अब आवताटे ओंघाइ
चढ़ल जवानी में आईल बा जहिया से ई सावन ,तेज भईल बा धड़कन
सईयां के नेह बरसता खूब बरखा नियन झन झन ,भींजत बाटे तन-मन
मस्ती में मन मस्ताना बा
दिल उनके पर दीवाना बा
छोड़े नाहीं कबहुँ कलाई
सईयां दिहलें रात जगाई
अब आवताटे ओंघाइ
रही रही अंगड़ाई आवे टुटेला हमरो बदनवा पागल भईल बा मनवा
अँखिया मोरी बंद हो जाय माजत में बरतनवा ,दुःख नाही बुझे सजनवा
कुछ बोलस नाहीं मुद्दा हो
पिया दे तारें कवन सजा हो
दूजे बहे पवन पुरवाई
सईयां दिहलें रात जगाई
अब आवताटे ओंघाइ
जइसे सावन टपके ओईसे हमरी जवनिया टपके ,हम बानी सबसे हटके
बेरी-बेरी सजना के मन हमरी ओरिया लपके उनकर पलक ना झपके
कुछ करस त मर्जी उनकर
चित भी उनकर पट भी उनकर
मोर दिहलें कमर लचकाई
सईयां दिहलें रात जगाई
अब आवताटे ओंघाइ
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