वाया पाण्डेयपुर चौराहा
शनिवार, 26 सितंबर 2015
वो किसी रोज़ समंदर भी बना ही लेगा - डॉ मुकेश पाण्डेय
वो किसी रोज़ समंदर भी बना ही लेगा
जो मिला सकता है दरियाओं को
Woh Kisi Roz Smndar Bhi Bna hi Lega
Jo Mila Sakta Hai Driyaon ko
وہ کسی روز سمندر بھی بنا ہی لگا
جو ملا سکتا ہے دریاؤں کو
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