मेल - जबसे देखा है तुझे ऐ जाने जां
जैसे मुझको मिल गया सारा जहाँ
फीमेल - तू मिला सबकुछ मिला दिल खिल गया
हो गया रंगी नज़ारों का समां
मेल छा गयी देखो फ़िज़ा में मस्तियाँ
जाने मन ये दिल दीवाना हो गया
फीमेल मुझको ये मौसम जवां लगने लगा
चाहतों का रंग दिल में भर गया
मेल दिल में इक तूफान सा उठने लगा
देख कर तेरी अदा ये शोख़ियाँ
फीमेल दिल के गुलशन में बहारें आ गयी
खो गए हम इन नज़ारों में सनम
मेल तुम तो मेरी ज़िंदगी हो जान हो
जीते जी अब तो जुदा होंगे न हम
फीमेल तू मिला तो सारी खुशियाँ मिल गयी
तेरी बाँहों में है मेरा आशियाँ
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें