वाया पाण्डेयपुर चौराहा
रविवार, 17 जनवरी 2016
दर्द का अपना मजा है बाम का अपना मजा - डॉ मुकेश पाण्डेय
सुबह का अपना मजा हैं शाम का अपना मजा,
जूस का अपना मजा हैं जाम का अपना मजा,
एक के साथ एक मुफ्त है आजकल हर आईटम,
मुफ्त का अपना मजा है दाम का अपना मजा,
आशिकी मे उसके भाईयों से कल मैं फिर पिटा
दर्द का अपना मजा है बाम का अपना मजा
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