गुरुवार, 7 अप्रैल 2016

बच के चल बाछी ख़राब बा ज़माना - डॉ मुकेश पाण्डेय

एक्सन में चलतारु गावतारु गाना 
बच के चल बाछी ख़राब बा ज़माना 

सोलह के उमर बा ई चढ़ल जवानी
सटी जब देहिया हो जइबू पानी पानी 
होश हो जाई  ख़राब लूटी जब खज़ाना 

चलेलु  सड़क पर ओढ़नी  हटाके 
जेने  तेने  घुस जालू  गोरी धकियाके 
तोहरा नथुनी के यु पी बिहार बा दीवाना 

ताकेलु जेने  ओने लोग भहराला 
रूप में बा जादू हमरा अईसन बुझाला 
दिल में बसाल हमके कर ना बहाना 


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