बुधवार, 29 जून 2016

नज़रो की प्यास है तू ,मेरी तलाश है तू -डॉ मुकेश पाण्डेय

मेल - नज़रो की प्यास है तू ,मेरी तलाश है तू 
दिल के आग़ोश में , हर घड़ी पास है तू 
तुमसे मिलाने वाले -दुनियाँ में लाने वाले 
रब्बा तेरा शुक्रिया - शुक्रिया 

फीमेल - नज़रो की प्यास है तू ,मेरी तलाश है तू 
दिल के आग़ोश में , हर घड़ी पास है तू 
तुमसे मिलाने वाले -दुनियाँ में लाने वाले 
रब्बा तेरा शुक्रिया - शुक्रिया 

अ] मेल -   तू ही तो है ज़िंदगी 
               तू ही पूजा तू ही बन्दग़ी 
फीमेल -   मैं तो बदन हूँ जान तुम 
               मेरा धर्म ईमान  तुम 
मेल -    दीद  कराने वाले -तुमको सजाने वाले 
          तुमसे मिलाने वाले -दुनिया में लाने वाले 
                   रब्बा तेरा शुक्रिया - शुक्रिया 

ब ]   फीमेल - होठों पे शबनमी सवेरा है 
                      मेरे दिल में तेरा ,बसेरा है 
   मेल          - ज़ुल्फ़ों की ख़ुश्बू फ़िज़ाओं में 
                 फ़ैली  हुई है ख़लाओं में 
फीमेल - तुमको महकाने वाले -हसीं बनाने वाले
            तुमसे मिलाने वाले -दुनियाँ में लाने वाले 
                 रब्बा तेरा शुक्रिया - शुक्रिया 






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