उफ्फ़ ये अदाएं - धड़कन बढ़ाए
क़ातिल निगाहें ,मुझे पागल बनाए
नींद चुराई,चैन चुराया
दिल मेरा धड़काया
आशिक़ बनाया -२ आपने !
ख़ुदा आपको नज़रे बद से बचाए
कहीं दुश्मनो की नज़र लग न जाये
सलामत रहे ये शराबी निगाहें
कहीं दोस्तों की नज़र लग न जाये
आपकी बातें ,ये मुलाक़ातें
सांसो को महकाया
आशिक़ बनाया -२ आपने !
मोहब्बत के दिन हैं मोहब्बत की रातें
लबों पे है हरदम मोहब्बत की बातें
बड़ी खूबसूरत लगे जिंदगानी
आप ही के नाम कर दी मैंने जवानी
मैंने ख्यालों ,कि खुशबू को
अपने दिल में बसाया
आशिक़ बनाया -२ आपने !
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