कईसे न भर आई मुँहवा में पनिया
अँखियाँ तोहार बाटे दारू के दोकनिया
आगे पीछे तहरा के लोगवा निरेखे
तोहरी सुरतिया के घूर -घूर के देखे
ढाहेला ग़ज़ब तोहरी नाक के नथुनिया
अँखियाँ तोहार बाटे दारू के दोकनिया
नदिया के पनिया में खेलेलु झिझिरिया
झुलुआ पे झूली झूली गावेलु कजरिया
सिनवा पर फिसलेला तोहरी ओढ़निया
अँखियाँ तोहार बाटे दारू के दोकनिया
केहु कहे गोरी केहु कहेला सजनिया
केहु जानेला आपन बाड़ी धनिया
केहु पुकारे तोहके कहिके नागिनिया
अँखियाँ तोहार बाटे दारू के दोकनिया
अँखिया लड़ाव चाहे कर तू ठिठोली
मुकेश" कहेलें सुन-सुन हमजोली
डंस लेबु जेकरा के मांगी नाहीं पनिया
अँखियाँ तोहार बाटे दारू के दोकनिया
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