पहिले तकरार हो गईल ,धीरे धीरे प्यार हो गईल
जब नैना चार हो गईल,धीरे धीरे प्यार हो गईल
डगर डगर गांव में नदी तीरे पिपरा के छाँव में
मौसम गुलज़ार हो गईल,धीरे धीरे प्यार हो गईल
फूल में पराग में गीत गंध गमकेला राग में
भंवरा गुंजार हो गईल ,धीरे धीरे प्यार हो गईल
रंग में बहार में बड़ा मज़ा फ़गुनी बयार में
देहिया कचनार हो गईल,धीरे धीरे प्यार हो गईल
प्रीत के बोखार बा डोली के इंतज़ार बा
मुकेश" दिलदार हो गईल,धीरे धीरे प्यार हो गईल
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