वाया पाण्डेयपुर चौराहा
रविवार, 23 अगस्त 2015
भोजपुरी मुक्तक़ - [१ ] डॉ. मुकेश पाण्डेय
तूर के फेंक द चाहे मल मिस
ई फुलवा डाल के ह त मुरझईबे करी
ई करेज तोहरा प्रेम के कचारल हटे
सोझा परबु त देख के पिरईबे करी
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें