है दस्तूर दुनिया का सदियों पुराना
विदा की घडी में गले से लगाना
हमें तो पता है मुहब्बत की बातें
ज़माने की बातें तो जाने जमाना
कई नाम रखे हैं हमने तुम्हारे
तुम्हे जो पसंद हो हमें भी बताना
ये माना निगाहें नहीं साथ देंगी
मगर तुम बिछड़ते हुवे मुस्कुराना
कोई दर्द गाता है सारे जहाँ में
कभी तुम अकेले में सुनना तराना
ये धर्मों के झगड़े दिलों की लकीरें
जरा प्यार का रंग इन पर चढ़ाना
बहुत याद आएँगी बातें तुम्हारी
ये चुप-चुप सा रहना निगाहें चुराना
ये दुनिया बहुत खूबसूरत है साथी
इसे और भी खूबसूरत बनाना
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