जवानी में आके चहक जाला केहु
ई उमरिया में आके बहक जाला केहु
ई हमरा पर गुजरल त तोहरो पर गुजरी
जे बिछुड़न होला त सनक जाला केहु
कली जब खिली गंध छिपे ना पाई
जवानी के ख़ुश्बू महक़ जाला केहु
जे दोसरा के दिल के जरवल करेला
त अपने लहर में लहक जाला केहु
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें