हज करके ऐ अल्लाह वालो जब मदीने में अईयो
तुम प्यारे नबी के रोजे पे क़ुर्बान हो जइयो
दीन दुनिया के हैं सहारे काबे और मदीने में
देखो ख़ुदा के ख़ास नज़ारे काबे और मदीने में
देखे हैं देखने वालों ने -रहमत के हसीं उजालों ने
तौहीद के मतवालों ने
ख़ुदा तुम्हे जब तक भी रखे उनके कदमो में रहियो
तुम प्यारे नबी के रोजे पे क़ुर्बान हो जइयो
दोनों जहाँ को बनाया ख़ुदा ने
प्यारे नबी के सदके में तुम्हे यहाँ पहुँचाया
ख़ुदा ने प्यारे नबी के सदके में
रंगीन फ़िज़ाएं कहती हैं-जन्नत की हवाएँ कहती हैं
शर्मीली हवाएँ कहती हैं
जो है मुसलमानो की हालत कमली वाले से कहियो
तुम जब जाओगे वहीं कोनैन को दौलत में पाओगे
ख़ौफ़ ख़ुदा से रोते हुवे जब सिजदे में तुम पाओगे
यह जलवा रंग लाएगा -रहमत को प्यार आएगा
अल्लाह करम फरमाएगा
क़ाबा से ईमान के जलवे अपने सीने में लइयो
तुम प्यारे नबी के रोजे पे क़ुर्बान हो जइयो
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