गवना कराव दिन धरवाव
एही लगन के भीतरे
कि टीकोढ़वा भईल राजा बड़े-बड़े
कब तकले छोड़ब नईहरवा में अइसे
करे जवनिया जुलुम बचाईं राजा कईसे
याद बड़ी आवे -सपना सतावे
जब सुतीं त तहरे
कि टीकोढ़वा भईल राजा बड़े-बड़े
गली में घुमिले त बोलेला लोग बोली
बुढ़वो जवान निरेखेला चोली
सब बात सुन के -मने मन गुन के
हम सहिले भीतरे
कि टीकोढ़वा भईल राजा बड़े-बड़े
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