शनिवार, 29 अगस्त 2015

कि टीकोढ़वा भईल राजा बड़े-बड़े -डॉ.मुकेश पाण्डेय

गवना कराव दिन धरवाव 
एही लगन के भीतरे 
कि टीकोढ़वा भईल राजा बड़े-बड़े 

कब तकले छोड़ब     नईहरवा में अइसे 
करे जवनिया जुलुम बचाईं राजा कईसे 
याद बड़ी आवे -सपना सतावे 
जब सुतीं त तहरे 
कि टीकोढ़वा भईल राजा बड़े-बड़े 


गली में घुमिले त  बोलेला लोग बोली 
बुढ़वो     जवान    निरेखेला     चोली 
सब बात सुन के -मने मन गुन के 
हम सहिले भीतरे 
कि टीकोढ़वा भईल राजा बड़े-बड़े 

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