मंगलवार, 25 अगस्त 2015

धीरे -धीरे चरण पखार ये सखी ,हमार मईया सुकवार -डॉ मुकेश पाण्डेय

धीरे -धीरे चरण पखारS ये सखी ,हमार मईया सुकवार 
मईया सुकवार हमार, मईया सुकवार हो 
दूरहिं से आरती उतारS ये सखी ,हमार मईया सुकवार 

देखिहS सखी केहु सटे नाहीं पंजरी 
राई-जवाइन अइंछ लागे नाही नजरी 
एके टक  रूप ना निहारS ये सखी ,हमार मईया सुकवार 

चम-चम चमकेला मुँह चुनमुनिया 
कह दिहS काजर लगा दी मलिनिया 
रची-रची कई दी सिंगारS ये सखी ,हमार मईया सुकवार 

पाण्डेय मुकेश"पूजन करीहें आके 
खुश करीहें माई के भजन सुनाके 
धन्य होई सेवका दुआरS ये सखी ,हमार मईया सुकवार 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें