सोमवार, 7 सितंबर 2015

कहतो में लजिया लागे बतिया केहु के आगे - डॉ. मुकेश पाण्डेय

कहतो में लजिया लागे बतिया केहु के आगे 
कि हमरो सुते गोड़तारी ताड़ी पीके रे बलमुआ 

परल बानी पाला हम अईसन भतार के 
आवेला झूमत रोज़ लबनी मुंह मार के 
माने ना मनवले भईल बा जबसे शादी 
कि हमरो सुते गोड़तारी ताड़ी पीके रे बलमुआ 


सुते नाही संघवा धइके माथ सिरहनवा 
कहला प कहे माज़ा देला ओरचनवा 
बाटे हमरो फुटल करम मरद मतिभरम 
कि हमरो सुते गोड़तारी ताड़ी पीके रे बलमुआ 


सुनतानी मुकेश"माटी कईले ह पियाके 
आदत बिगड़ले बाड़े संघे-संघे घुमाके 
देखा देखि उनके चाल धईले हमरो लाल 
कि हमरो सुते गोड़तारी ताड़ी पीके रे बलमुआ 

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