शेरवाली माई अइनी रउरे दुआरी
दर्शन के दान दे दीं जान के भिखारी
हारेलू कलेश मईया भक्तन के क्षण में
सबका के छोड़ अइनी रउरे शरण में
जल्दी से आजा चढ़के शेर के सवारी
दर्शन के दान दे दीं जान के भिखारी
![]() |
| Dr.Mukesh Pandey |
रउरा प्रवीण बुद्धि हीन हम भारी
बानी अनबुझ बुझीं हाम्रो लाचारी
मुर्ख बेटा के अधिका मानली मतारी
दर्शन के दान दे दीं जान के भिखारी
सुर नियन लुर ना कबीर नियन बानी
तुलसी नियन ये माई हम नईखीं ज्ञानी
पाण्डेय मुकेश बाड़ें गँवार अनाड़ी
दर्शन के दान दे दीं जान के भिखारी

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें