चमके बिजुरिया रात में
आज रहिते बलमुआ मोर।,सुताई लेती साथ में
पानी पड़े छम-छम आ चमके बदरिया
राजा बिना कांट नियर गड़ेला चुड़िया
तरसेला मन बरसात में
आज रहिते बलमुआ मोर।,सुताई लेती साथ में
सईयां जी के देसे तू चली जा बदरिया
हमरा बलम के ई दिह खबरिया
मन नाही लागे खाना खात में
आज रहिते बलमुआ मोर।,सुताई लेती साथ में
पाण्डेय मुकेश" तोहे किरिया धराईब
मिठी -मिठी बतिया में तोहके पोल्हाईब
जाये ना देहब गुजरात में
आज रहिते बलमुआ मोर।,सुताई लेती साथ में
आज रहिते बलमुआ मोर।,सुताई लेती साथ में
पानी पड़े छम-छम आ चमके बदरिया
राजा बिना कांट नियर गड़ेला चुड़िया
तरसेला मन बरसात में
आज रहिते बलमुआ मोर।,सुताई लेती साथ में
सईयां जी के देसे तू चली जा बदरिया
हमरा बलम के ई दिह खबरिया
मन नाही लागे खाना खात में
आज रहिते बलमुआ मोर।,सुताई लेती साथ में
पाण्डेय मुकेश" तोहे किरिया धराईब
मिठी -मिठी बतिया में तोहके पोल्हाईब
जाये ना देहब गुजरात में
आज रहिते बलमुआ मोर।,सुताई लेती साथ में
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें