सोमवार, 17 अगस्त 2015

ये माई तुही सबकर महतरिया , दया के नज़रिया फ़ेर ना - डॉ. मुकेश पाण्डेय

खोल ममता के तू दुअरिया -आईल बाटे  तोहरो पुजरिया 
दया के नज़रिया फ़ेर ना 
ये माई तुही सबकर महतरिया , दया के नज़रिया फ़ेर ना 

पटन देवी पटना में तू ही ,डुमरेजनी डुमराँव में
आरा में माँ आयरन देवी,महथिन बिहियां गाँव में

मुजियर में मंगला रानी, नटवार में भलुनी भवानी
दरस के उठे लहरिया ना 
ये माई तुही सबकर महतरिया , दया के नज़रिया फ़ेर ना 



मुंडेश्वरी तू ही कैमूर में -कामाख्या गहमर में
बरमाईन बलिया बसंतपुर या देवी मईहर में
शंकरपुर में तू भगवती - सैयादियर में सती
तू ले ल हमरो ख़बरिया न 
ये माई तुही सबकर महतरिया , दया के नज़रिया फ़ेर ना 




विंध्यवासिनी विंध्याचल,वैष्णो देवी कश्मीर में
क्षिणमस्तिका रजरप्पा देवी माई सिरियापुर में
तू हरेलू सगरो क्लेश - बात कहलें पाण्डेय मुकेश"
दिवेश"ख़ातिर खोल केवड़िया ना 
ये माई तुही सबकर महतरिया , दया के नज़रिया फ़ेर ना 

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