बुधवार, 16 सितंबर 2015

भोजपुरी ग़ज़ल[3] : डॉ मुकेश पाण्डेय

उ सितमगर बा आ हम बानी 
दुःख के शहर बा आ हम बानी 

तमन्ना बा ना कवनो आरज़ू बा 
टूटल जिगर बा आ हम बानी 

अन्हरिया रात में पुरपेंच मंज़िल 
कठिन डगर बा आ हम बानी 

बनी का ख़ाक बिगड़ी का मुक्द्द्ऱ 
दुआ ई बे-असर बा आ हम बानी 

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