शेर : दिल में दाग़ लगइलें गइलें छोड़ी के हमार साथ हो
जान हथेली पर रख देनी मनलेन नाहीं बात हो
प्यार करके प्रेमी दग़ा देले बाड़े
दिल दोसरा से लगा लेले बाड़े
संघे जिए मरे के खइले रहन किरिया
आज काहे छोड़लेन फिकिरिया
ग़लती का कईनी हम सज़ा देले बाड़े
उनका के मनले रहनी दिलवा के सईयाँ
पल भर में बनलें कसईया
हम भईनी बासी ऊ ताजा भईल बाड़े
सोची-सोची लागे नाहीं भुखिया पिअसिया
आख़िर सुनाईं केतना बतिया
मुकेश दिल से अपना हटा देले बाड़े
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