बुधवार, 16 सितंबर 2015

हरितालिका तीज ब्रत - डॉ मुकेश पाण्डेय

सब मिलजुल के आरती कर हरितालिका तीज ब्रत के 
सब मिल जुल के आरती उतार शिव सती के प्रेम सत के 

थाल सजाई के ज्योत जगाईके 
जय-जय आरती गीत गाईके 
सब मिलजुल के आरती कर हरितालिका तीज ब्रत के 

दुनिया में अइसन ना मिले निशानी 
सखिया हरण के ई प्रेम कहानी 
सब मिलजुल के आरती कर हरितालिका तीज ब्रत के 

घरवा दुवरवा खुशहाली बरसे 
रहे सुहागिन मनवा हरषे 
सब मिलजुल के आरती कर हरितालिका तीज ब्रत के 


ई तीज व्रत हम मनाईं सारी जिनगी 
पाण्डेय मुकेश 'ई अरज सारी जिनगी 
सब मिलजुल के आरती कर हरितालिका तीज ब्रत के 

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