सब मिलजुल के आरती कर हरितालिका तीज ब्रत के
सब मिल जुल के आरती उतार शिव सती के प्रेम सत के
थाल सजाई के ज्योत जगाईके
जय-जय आरती गीत गाईके
सब मिलजुल के आरती कर हरितालिका तीज ब्रत के
दुनिया में अइसन ना मिले निशानी
सखिया हरण के ई प्रेम कहानी
सब मिलजुल के आरती कर हरितालिका तीज ब्रत के
घरवा दुवरवा खुशहाली बरसे
रहे सुहागिन मनवा हरषे
सब मिलजुल के आरती कर हरितालिका तीज ब्रत के
ई तीज व्रत हम मनाईं सारी जिनगी
पाण्डेय मुकेश 'ई अरज सारी जिनगी
सब मिलजुल के आरती कर हरितालिका तीज ब्रत के
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