मंगलवार, 1 सितंबर 2015

लईका दारूवाला - भोजपुरी मुक्तक - डॉ.मुकेश पाण्डेय

जोर से शोर कके रोज करे हाला 
सांचो ई घर में मचावेला बवाला 
ना ई कमासुत हटे    साला  
सादिक भोजन वाला ना ई ह लईका दारूवाला 


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