ये सखिया खुलल हमरो क़िस्मत के ताला
नोकरी वाला मिली ,हमरा बियहवा के हाला
पाका मुड़ेरा बड़ुवे पटना में डेरा बड़ुवे
पिया मोरा पुलिस के अफ़सर कहाला
ससुर भी शिक्षक बाड़े देवरा पढ़ेला आरे
धनवा के होला उनके बड़े-बड़े जाला
आमवा दशहरी फरे हमरा बलमुआ घरे
दूध दही मक्खन मिसरी आन घरे जाला
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