क्या क्या न सितम हाय ये ढाती हैं चूड़ियाँ
बेशर्म हैं कुछ ये न लजाती हैं चूड़ियाँ
बातें हो छिपाने की बताती हैं चूड़ियाँ
जब भी किसी कलाई में आती हैं चूड़ियाँ
काली जो चूड़ियाँ थी पुतलियों में ढल गयी
नीली जो चूड़ियाँ थी नसों में बदल गयी
पीली जो थी चेहरे पे नूर सी बिखर गयी
जो लाल थी रगो में वो ख़ून बन गयी
रग -रग में ऐसे दौड़ लगाती हैं चूड़ियाँ
इक दिन की बात जो कभी भूली न जाएगी
सखियों ने कहा कल तेरी बारात आएगी
माँ ने कहा बेटी मेरी ससुराल जाएगी
किसको पता था सबको ये चूड़ी रुलाएगी
अपनों को भी पराया बनाती है चूड़ियाँ
सुन ले जो खनक इसकी वो नाक चढ़ाये
बूढ़ी जेठानियों को सांप लोटता जाये
देवर जो सुने छेड़ के बोले वो हाय-हाय
सुन के ननद वक़्त के पहले ही घबराये
ससुराल में यूँ आग़ लगाती हैं चूड़ियाँ
बेशर्म हैं कुछ ये न लजाती हैं चूड़ियाँ
बातें हो छिपाने की बताती हैं चूड़ियाँ
जब भी किसी कलाई में आती हैं चूड़ियाँ
काली जो चूड़ियाँ थी पुतलियों में ढल गयी
नीली जो चूड़ियाँ थी नसों में बदल गयी
पीली जो थी चेहरे पे नूर सी बिखर गयी
जो लाल थी रगो में वो ख़ून बन गयी
रग -रग में ऐसे दौड़ लगाती हैं चूड़ियाँ
इक दिन की बात जो कभी भूली न जाएगी
सखियों ने कहा कल तेरी बारात आएगी
माँ ने कहा बेटी मेरी ससुराल जाएगी
किसको पता था सबको ये चूड़ी रुलाएगी
अपनों को भी पराया बनाती है चूड़ियाँ
सुन ले जो खनक इसकी वो नाक चढ़ाये
बूढ़ी जेठानियों को सांप लोटता जाये
देवर जो सुने छेड़ के बोले वो हाय-हाय
सुन के ननद वक़्त के पहले ही घबराये
ससुराल में यूँ आग़ लगाती हैं चूड़ियाँ
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