बुधवार, 26 अगस्त 2015

ईश वंदना - डॉ मुकेश पाण्डेय

प्रभु धीर बने,हम वीर बनें संतान स्वदेश की सच्ची बनें 
नहीं क्रूर बनें  नहीं पापी बनें दुनिया में यशस्वी तपस्वी बनें 
सत धर्म परायण भक्त बनें  ,अभिमान विनाशक दास बनें 
गुणवान बनें ,बलवान बनें  प्रिय देश की शान महान बनें 
बन जाएँ सहायक दुःखियों के नित सेवक निर्बल के ही बनें 
नहीं स्वार्थी बनें परमार्थी बनें हम गांधी समान विरागी बनें 
आजाद सुपंथ-सुभाष बनें हर भांति जवाहरलाल बनें 


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