सोमवार, 20 फ़रवरी 2017

छोटकी ननदी के करनवा पिया चटकनवा मरले ना || भोजपुरी लोकगीत : डॉ मुकेश पाण्डेय

नईहर में बाबू माई रखलें दुलार के हो 
अबहीं ले शासत सखी सहिलें भतार के हो 
गईनी सुते ख़ातिर सिरहनवा पिया चटकनवा मरले ना 
छोटकी ननदी के  करनवा  पिया चटकनवा मरले ना 


हित नात जुटल रहे पड़ल रहनी लाज में 
सैयां जरे कैसे सूती घर के समाज में 
हाथ जोड़े लगनी केनियो न भगनी 
फोरले हाथ के हो कंगनवा पिया चटकनवा मरले ना 


तनियो सा ग़लती ख़ातिर बाड़ें खिसियाईल 
उनके फिकिर में देहियाँ जात बा सुखाईल 
ग़लती का कईनी सोझा हम भईनी 
देहब नईहर में ओरहनवा पिया चटकनवा मरले ना 


पाण्डेय मुकेश ' कइसन मिलल बाड़ें मरद 
ओहिदिन के मारल चटकन होता बड़ी दरद 
कतना ले सहीं कइसे हम रहीं 
भेजनी देवरु के दवाखानवा पिया चटकनवा मरले ना 

लहंगा उठाके आज तोहर डिस्कभरी रंगब ये भऊजी || भोजपुरी होली गीत : मुकेश पाण्डेय

अगरी  रंगब कगरी रंगब सगरी रंगब ये भऊजी 
लहंगा उठाके आज तोहर डिस्कभरी रंगब ये भऊजी 

ना भईया से दीह ओरहनवा हो,  मानील हमरो कहनवा हो 
डगमग डोलेला मनवा हो देखी के तोहर जोबनवा हो 
रंगे जो नाही डेब्यू तू हमके जबरी रंगेब ये भऊजी 
लहंगा उठाके आज तोहर डिस्कभरी रंगब ये भऊजी 

जबसे फगुनवा आईल हो , हमरो मिज़ाज गबड़ाइल हो 
चिकन सामान देखी भौजी हो हमरो त मन जहुआईल हो 
चोली के भीतर बाटे जवन ऊ नगरी रंगेब ये भऊजी 
लहंगा उठाके आज तोहर डिस्कभरी रंगब ये भऊजी 

बानी कुँवार अब भौजी हो हमके चिखाद कलौंजी हो 
मन के त हईं मनमौजी हो भईयो त बाड़ें सऊदी हो 
पाण्डेय मुकेश 'के बरता खीस त जबरी रंगेब ये भउजी 
लहंगा उठाके आज तोहर डिस्कभरी रंगब ये भऊजी 

   


बाक़ी तू पियला के सुर में जीजा जी हो नाश दिहल || भोजपुरी होली गीत : डॉ मुकेश पाण्डेय

कुछ नाहीं करब साली होलिया में अइसन विस्वास दिहल 
बाक़ी तू पियला के सुर में जीजा जी हो नाश दिहल 

रंगे के बहाने हमके धईल अँकवारी में 
जबरी पटक दिहल बिचली कोठारी में 
कईल मनमानी हमर ओदे काँचे खेतवा के चांस दिहल 
बाक़ी तू पियला के सुर में जीजा जी हो नाश दिहल 

दगिया लगाई दिहल नए रे समीज में 
उठताटे लहर हमरा भीतरी के चीज़ में 
अपना जवनिया के हमरा जवानी में लहास दिहल 
बाक़ी तू पियला के सुर में जीजा जी हो नाश दिहल 

अब नाहीं कबो तहरा संगे खेलब होली 
कईल दुर्गति हमार फार दिहल चोली 
पाण्डेय मुकेश " काहे ख़ातिर गाल हमरो काट दिहल 
बाक़ी तू पियला के सुर में जीजा जी हो नाश दिहल  

अईब ना जे फ़ागुन में जोबन रोई || भोजपुरी होली गीत : डॉ मुकेश पाण्डेय

गवना कराके जईब दुल्हन रोई 
अईब ना जे फ़ागुन में जोबन रोई 

खनकता कंगना अंगना में राजा करे पुकार चोलिया हो 
तरसता गाल ई दुनो हमरो खेले खाती होलिया हो 
सेज छछनि मोर करेजा धड़कन रोई 
गवना कराके जईब दुल्हन रोई 

खेतवा बधार सगरो सइयां सरसो बाटे फुलाइल हो 
बगिया में देख अमवा के गछिया पोरे पोर मोजराईल हो 
सोरहो सृंगार बत्तीसों अभरन रोई 
गवना कराके जईब दुल्हन रोई 


गोतिनी के अंगना बरसे होलिया में रंग गुलाल हो 
काहे पाण्डेय मुकेश तू कईल मोरा भीकहीन जस हाल हो 
तोहरा पिचुकारि ख़ातिर बदन रोई 
गवना कराके जईब दुल्हन रोई 

कईसे मनी ये राजा असो होली तोहरा बीन || भोजपुरी होली गीत : डॉ मुकेश पाण्डेय

बाड़ बहार पिया हमरा आवे ना नीन 
कईसे मनी ये राजा असो होली तोहरा बीन 
चोलिया चुभता अइसे जइसे चुभे आलपीन 
कईसे मनी ये राजा असो होली तोहरा बीन 

रंग बरसेला उड़ेला सगरो गुलाल 
अईब ना त के रंगी मेक-अप वाला गाल 
जनि दीह तू धोखा हमके होलिये के दिन 
कईसे मनी ये राजा असो होली तोहरा बीन 

ईयाद पार तू घरे रहल पर साल 
मुंह हमरो तू कईले रहल लाले लाल 
आवत याद हमरा उहे वाला सिन 
कईसे मनी ये राजा असो होली तोहरा बीन 

किन के लइह कढ़ाई वाली सड़िया 
होली स्पेशल ध लिह आजु गड़िया 
बहल हावा बसंती मन भईल रंगीन 
कईसे मनी ये राजा असो होली तोहरा बीन 



Kumar Sanu Love Songs - भोजपुरी लव सांग्स | प्यार तोहरे से करि । Bhojpuri New Songs 2017 | Hot Song

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Songs Credits:-

1. Bhinjal Chunri
2. Pyar Tohre Se Kari
3. KAREJWA ME RAHA
4. KAHAN BITAWAL NA
5. SADHE 3 BAJE MUNNI ZURUR MILNA 
6. Hamar Kiriye 
7. CHHUVE DA
8. HIRA
9. SUGBUGAHAT HO RAHAL BA 
10. KABLE HOI TAKA JHANKI

Music & Lurics : Mukesh Pandey

जरता जवनिया हिरोह में || भोजपुरी लोकगीत : डॉ मुकेश पाण्डेय

जहिया से चल गईल सुधियो न लेवेल 
बसल बाड़ जाके कवना खोह में 
का ये सईयाँ ना अईब का हो ?
जरता जवनिया हिरोह में 

एक दम बदल गईल सांचे तू-हु जाके 
कवन मतिया मरलस चित-बदला खियाके 
विरह में जरतानी -मरतानी याद में 
तनिको ना बाड़ हमरा मोह में 
का ये सईयाँ ना अईब का हो ?
जरता जवनिया हिरोह में 


चोली कुर्ती भींज जाला लोरवे से चू  के 
हुके तोहरा अन्न पानी भीतरी ना ढुके 
हथनी के देंह हमार नेह बिना गलल 
तू बाड़ कवना टोह में 
का ये सईयाँ ना अईब का हो ?
जरता जवनिया हिरोह में 

ले-ल सुताके चाहे ले -ल करवटिया ये राजा || भोजपुरी लोकगीत : मुकेश पाण्डेय

पनिया जवनिया के चुवे लेसे छटपटिया ये राजा 
ले-ल सुताके चाहे ले -ल करवटिया ये राजा 

छतिया से छतिया के चुम ल रगड़ के 
चोली के जोबना दुनू मिस द पकड़ के 
रात भर हचर-हचर हिले द न खटिया ये राजा 
ले-ल सुताके चाहे ले -ल करवटिया ये राजा 

फेंकता लुत्ती बुति कइसे ये करेजा 
छेदा लबेदा खोजे बिगड़ता भेजा 
धई अँकवरिया मार हिक भर घुलटिया ये राजा 
ले-ल सुताके चाहे ले -ल करवटिया ये राजा 

जान हो सामान में धइले बा काउर 
ओखर में मूसर डाली छांट द  ना  चाउर 
चालू कर पाण्डेय मुकेश हाली फटफटिया ये राजा 
ले-ल सुताके चाहे ले -ल करवटिया ये राजा 

                

जनि जा विदेशवा पिया जी अकेले घर छोड़ी के || भोजपुरी लोकगीत : डॉ मुकेश पाण्डेय

धरतानी गोड़ तहार सइयां जी ,दुनु हाथ जोड़ी के 
जनि जा विदेशवा पिया जी अकेले घर छोड़ी के 

नया- नोचर कनिया आ बाहरी के घर बा 
केहू ना जाने केकर कइसन नज़र बा 
अलगा जेठानी जी रहेली हमसे मुंह मोड़ी  के 
जनि जा विदेशवा पिया जी अकेले घर छोड़ी के 


नईहर अकेले कबो छोड़लसि ना माई 
जहाँ-जहाँ जाईं तहाँ पीछे-पीछे आई 
रात-दिन रहतिया घरवा में हमके अगोरी के 
जनि जा विदेशवा पिया जी अकेले घर छोड़ी के 


देख लीला तोहके त मन भरी जाला 
नज़री से हटेल  त जिया जरि जाला 
का मिली बोल पिया तोहरा दिल हमार तोड़ी के 
जनि जा विदेशवा पिया जी अकेले घर छोड़ी के 


मुझको फ़ुरसत मिली अगर खुद से || क़ता : डॉ मुकेश पाण्डेय

मैं तुझे माहताब  लिख दूंगा 
अपनी आँखों का ख़्वाब  लिख दूंगा 
मुझको फ़ुरसत मिली अगर खुद से 
तेरे ख़त का जवाब लिख दूंगा 

साथ तेरे जो चल रहा हूँ मैं || ग़ज़ल - डॉ मुकेश पाण्डेय

साथ तेरे जो चल रहा हूँ मैं 
जाने कितनों को ख़ल रहा हूँ मैं 

मेरा शज़रा  उठा के देख लो 
आबरू-ए -गज़ल रहा हूँ मैं 

ये न समझो की गिरने वाला हूँ 
एहतियातन संभल रहा हूँ मैं 

कल मैं निकलूंगा रौशनी लेकर 
ये न समझो की ढल रहा हूँ मैं