गवना कराके जईब दुल्हन रोई
अईब ना जे फ़ागुन में जोबन रोई
खनकता कंगना अंगना में राजा करे पुकार चोलिया हो
तरसता गाल ई दुनो हमरो खेले खाती होलिया हो
सेज छछनि मोर करेजा धड़कन रोई
गवना कराके जईब दुल्हन रोई
खेतवा बधार सगरो सइयां सरसो बाटे फुलाइल हो
बगिया में देख अमवा के गछिया पोरे पोर मोजराईल हो
सोरहो सृंगार बत्तीसों अभरन रोई
गवना कराके जईब दुल्हन रोई
गोतिनी के अंगना बरसे होलिया में रंग गुलाल हो
काहे पाण्डेय मुकेश तू कईल मोरा भीकहीन जस हाल हो
तोहरा पिचुकारि ख़ातिर बदन रोई
गवना कराके जईब दुल्हन रोई
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