धरतानी गोड़ तहार सइयां जी ,दुनु हाथ जोड़ी के
जनि जा विदेशवा पिया जी अकेले घर छोड़ी के
नया- नोचर कनिया आ बाहरी के घर बा
केहू ना जाने केकर कइसन नज़र बा
अलगा जेठानी जी रहेली हमसे मुंह मोड़ी के
जनि जा विदेशवा पिया जी अकेले घर छोड़ी के
नईहर अकेले कबो छोड़लसि ना माई
जहाँ-जहाँ जाईं तहाँ पीछे-पीछे आई
रात-दिन रहतिया घरवा में हमके अगोरी के
जनि जा विदेशवा पिया जी अकेले घर छोड़ी के
देख लीला तोहके त मन भरी जाला
नज़री से हटेल त जिया जरि जाला
का मिली बोल पिया तोहरा दिल हमार तोड़ी के
जनि जा विदेशवा पिया जी अकेले घर छोड़ी के
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