हमार पिआस तू तहरा दुनिया के तराश बा
ई हमार आग ह आ उहे तहार लूर
हम जेह लेखा से बानी तहरा लगे
तू अपना आप से बाड़ ओतने दूर
अगर पैरोडी अच्छी नीयत और नएपन से की जाए तो एक बहुत ही अच्छा मज़ेदार प्रयोग हो सकता है पर जहाँ तक भक्ति गीतों में पैरोडी का सवाल है उन्हें जब भी मैं सुनता हूँ तो मुझे बहुत दुख होता है. ऐसे गीतकारों के पास यक़ीनन टैलेंट की कमी है और वो कम वक़्त में ज़्यादा प्रसिद्धि पाना चाहते हैं.
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vayapandeypurchauraha
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