रविवार, 16 अगस्त 2015

इस बारिश में - मुकेश पाण्डेय

           {१ }
पेड़ अपने लाखों लाख
पत्तों पर
लिखते रहे आपका नाम
नन्हीं-नन्हीं बूँदों  से
इस बारिश में

   {२}
अभी अभी
ठहरी बारिश में
एक गौरैया आई
उसने हल्के से
पेड़ के पत्ते की
बस नोंक को चूमा
पत्ते पर टिकी
कुछ बूंदे झरीं
और सारा पेड़
सिहर गया 

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