रविवार, 16 अगस्त 2015

बोल ! काहो ईहे बात ह ? {भोजपुरी गीत }- डॉ. मुकेश पाण्डेय

चुम्मा देके भरमाई -कहलू आवतिया माई
प्यार कईला के इहे सौग़ात ह
क्षण भर के कवन मुलाक़ात ह
बोल  ! काहो  ईहे बात ह ?


पहिल के अब छोड़ बात नईखी जा नादान हो
आव खुल के माजा लिंजा भईनी जा जवान हो
का तू चाहतारु बोल-गेट दिलवा के खोल
धोखा ताव  पर दिहल ही त घात ह
क्षण भर के कवन मुलाक़ात ह
बोल  ! काहो  ईहे बात ह ?


चुपे चोरी चलत रहे भईल खुलेआम हो 
तहरे पीछे भईनी हम त दुनिया में बदनाम हो 
आदत देखि के तोहार -जिया जरेला हमार 
काहे कहेलु तू  दिनवा के रात ह 
क्षण भर के कवन मुलाक़ात ह
बोल  ! काहो  ईहे बात ह ?


करे के नईखे प्यार गोरी त कही द  तू साफ हो
चुम्मा एगो पूरा देलू एगो देलू हाफ़ हो
कहे पाण्डेय मुकेश"-इहे बात हरमेश
आख़िर केतना तोहार औक़ात ह
क्षण भर के कवन मुलाक़ात ह
बोल  ! काहो  ईहे बात ह ?








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