तुमसे ही ये संसार है माँ
हूँ दीन -हीन लाचार मैं माँ
तुमसे बंधी ये प्रीत की डोरी जाये कहाँ हम
कर कर दो करम माँ - कर कर दो करम !
चारो ओर अंधेर घना है ,आये नज़र ना उजाला
ये दुःख का संसार है मईया ,तुम हो दीन दयाला
कष्ट मिटे ये कैसे करूँ क्या जतन ?
मैं हूँ विद्या विहिन हे माता ,तुम हो ज्ञान विषारद
तुम्हरी कृपा से ग्यानी बने हैं कबीरा तुलसी नारद
कर दो हमारी भी सफल जनम
कर कर दो करम माँ - कर कर दो करम !
तेरी कृपा से जड़ और चेतन शेष हो या विशेष
तू ममता की सागर मईया ,मैं तेरा बेटा "मुकेश "
दुःखों का ये भार माता करो मेरे कम
कर कर दो करम माँ - कर कर दो करम !

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