अनगिनत रूप में अइलू -संकट में प्रगट तू भइलू
कईलू तू जग के रखवाली ,जय हो दुर्गे काली
पटन देवी पटना में तू ही -डुमरेजनी डुमराव में
आरा में आयरन माई-महथिन बिहिया गाँव में
मुजियर में मंगला रानी नटवार में भलुनी भवानी
थावे में थावे वाली ,जय हो ………।
मुण्डेश्वरी तू ही कैमूर में कामाख्या गहमर में तू
बरमाईन बलिया बसंतपुर या देवी मईहर में तू
शंकरपुर में तू भगवती ,सइया दियर में सती
पावागढ़ तू मुण्डमाली , जय हो……………………
विंध्यवासिनी विंध्याचल वैष्णो देवी कश्मीर में
क्षीणमस्तिका रजरप्पा देवी माई सिरियापुर में
जग तहरे पग अवशेष ,विशेष हो या मुकेश "
कलिका तू कलकत्ता वाली ,जय हो। ...................
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