शनिवार, 15 अगस्त 2015

दगा किसी का सगा नही दगा न करियो भाई - डॉ. मुकेश पाण्डेय

दगा किसी का सगा  नही दगा न करियो भाई 
मरवाना चाहे था ब्राह्मण को ,मर गया ख़ुद  नाई 

बुरा कहो मत बुरा सुनो मत ,बुरा किसी का न कर बन्दे 
हर देगा हरि कष्ट तेरे तू बिलकुल नहीं डरे बन्दे।। टेक।।

नौ महीने तक नर्क कुण्ड में रही भटकती खोड़  तेरी 
हाड़ मांस के बंद लगाकर दी कंचन काया जोड़ तेरी।। टेक।।


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